कानूनी मार्गदर्शिका | Legal Guide
यूपी में अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) कैसे लें: स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
⚠️ महत्वपूर्ण सूचना: यदि आपके खिलाफ झूठी FIR दर्ज हुई है या गिरफ्तारी का डर है, तो तुरंत कानूनी सलाह लें। पुलिस स्टेशन जाने से पहले अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करना आपका अधिकार है।
भारत के कानून में धारा 438 (CrPC) के तहत किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तारी से पहले जमानत मांगने का अधिकार है। इसे ही 'अग्रिम जमानत' कहा जाता है।
1. प्रक्रिया के मुख्य चरण (The Process)
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सत्र न्यायालय (Sessions Court): सबसे पहले हम जिला अदालत में आवेदन करते हैं। यदि आपके पास पुख्ता सबूत हैं, तो राहत यहीं मिल सकती है।
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इलाहाबाद हाई कोर्ट (High Court): यदि सत्र न्यायालय से आवेदन खारिज हो जाता है, तो हम तुरंत हाई कोर्ट में अपील करते हैं।
2. जमानत के लिए जरूरी दस्तावेज
- FIR की फोटोकॉपी (यदि उपलब्ध हो)
- पहचान पत्र (आधार कार्ड/पैन कार्ड)
- चरित्र प्रमाण पत्र या समाज में प्रतिष्ठा का प्रमाण
- निर्दोषता के सबूत (जैसे वीडियो, चैट, या गवाह)
3. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न: क्या अग्रिम जमानत मिलने के बाद पुलिस मुझे गिरफ्तार कर सकती है?
उत्तर: नहीं, यदि कोर्ट ने आपको अग्रिम जमानत दे दी है, तो पुलिस उस केस में आपको गिरफ्तार नहीं कर सकती। हालांकि, आपको जांच में सहयोग करना होगा।
प्रश्न: इसमें कितना समय लगता है?
उत्तर: परिस्थितियों और केस की गंभीरता के आधार पर इसमें 3 से 10 दिन का समय लग सकता है। इमरजेंसी में 'Interim Relief' (अंतरिम राहत) की मांग भी की जा सकती है।
मुफ्त कानूनी परामर्श के लिए संपर्क करें
एडवोकेट मनीष कुमार सिंह (इलाहाबाद हाई कोर्ट)
संपर्क: +91 9910508972